स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा निदेशक को सौंपा मांग पत्र

स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा निदेशक को सौंपा मांग पत्र

हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ के महासचिव संजीव ठाकुर की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल उच्च शिक्षा निदेशक से मिला जिसमें सुभाष कौशल, जिला बिलासपुर के प्रधान नरेश ठाकुर ,तेज सिंह ,विकास रतन ,पंकज शर्मा, शिवकुमार आदि शामिल रहे। इस बैठक में शिक्षा निदेशक से संघ की ओर से लंबित मांगों पर चर्चा की गई। कुछ प्रवक्ताओं की कम परिणाम आने की वजह से वेतन वृद्धि रोक दी गई थी। संजीव ठाकुर ने बताया कि परिणाम कम आने के कई और भी कारण हैं और इसके लिए सिर्फ शिक्षक को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए यह आदेश जो वेतन वृद्धि रोकने के हैं उन्हें तुरंत वापस लिया जाए ।दूसरी मांग पदनाम बहाल करने की थी ।पिछले महीने जुलाई में शिक्षा मंत्री से जो बैठक हुई थी उसमें पदनाम बहाल करने का आश्वासन दिया गया था मगर अभी तक लेक्चरर पदनाम बहाल नहीं हुआ है इसलिए संघ चाहता है कि जल्द से जल्द पीजीटी पदनाम को बदल कर लेक्चरर किया जाए । अनुबंध से नियमित हुए प्रवक्ताओं को इनिशियल स्टार्ट 16290 की बजाय 14250 दिया जा रहा है जिससे इन प्रवक्ताओं को काफी वित्तीय नुकसान हो रहा है संघ ने जल्द से जल्द प्रवक्ताओं को 16290 का इनिशियल देने की मांग की । जुलाई में शिक्षा मंत्री ने बताया था कि शिक्षा विभाग में सभी लंबित पदोन्नतियां  जल्द से जल्द की जाएगी मगर अभी तक विभाग ने किसी भी कैडर में कोई भी पदोन्नति नहीं की है और पूरे प्रदेश में लगभग 200 स्कूल बिना प्रधानाचार्यों के चल रहे हैं  ।संघ सरकार से मांग करता है कि प्रवक्ताओं की प्रधानाचार्य के पद पर जल्द से जल्द पदोन्नति की जाए ताकि सभी स्कूलों का कामकाज सुचारु रुप से चल सके ।संजीव ठाकुर न बताया कि स्कूल कैडर से कॉलेज कैडर में जाने के लिए स्कूली प्रवक्ताओं को भी मौका मिलना चाहिए। पीजीटीआई को लाइब्रेरी का चार्ज दिया जा रहा है जो कि गलत है ।पी जी टी ip के पास पहले से बहुत गैर शिक्षण कार्य लिए जाते है ।संघ की मांग करता है कि इन आदेशों को वापस लिया जाए और नए आदेश जारी करके लाइब्रेरी का चार्ज किसको देना है यह प्रिंसिपल फैसला खुद करें। 2010 में लगे नॉन B.ed प्रवक्ताओं को अभी तक विभाग ने नियमित नहीं किया है और इन प्रवक्ताओं को अब B.Ed करने का कोई भी रास्ता नहीं बचा है इसीलिए सरकार से मांग करते हैं कि इन नॉन B.ed प्रवक्ताओं को एकमुश्त छूट दे  कर नियमित किया जाए ।सरकारी स्कूलों में आईपी विषय पढ़ने वाले बच्चों से 110 ₹ फीस वसूली जा रही है जबकि इन्हीं स्कूलों में वोकेशनल कोर्स के तहत आई टी ई एस विषय पढ़ने वाले बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती है सरकार से संघ मांग करता  हैं कि IP विषय पढ़ने वाले बच्चों से जो ₹110 फीस ली जा रही है उसे माफ किया जाए और छात्रों को कंप्यूटर की फ्री सुविधा और शिक्षा दी जाए।उच्च शिक्षा निदेशक ने संघ को आश्वासन दिया जल्द ही उनकी।मांगें सरकार को भेज दी जाएंगी।

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